धर्म और आस्थासमाचार

आदित्यवाहिनी द्वारा भगवान आद्य शंकराचार्य का 2532वाँ प्राकट्य महोत्सव पिपरिया में होगा आयोजित

कवर्धा | भगवत्पाद आद्य शंकराचार्य जी के 2532वें प्राकट्य महोत्सव के उपलक्ष्य में आदित्यवाहिनी द्वारा 2 मई को पिपरिया सर्व समाज मंगल भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन जिले स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें नगर सहित आसपास के अनेक सनातन धर्मावलंबी, संत-महात्मा एवं गणमान्य नागरिक भाग लेंगे।

आदित्यवाहिनी के जिला अध्यक्ष आशीष दुबे एवं मारुतिशरण शर्मा ने जानकारी दी कि भगवान आद्य शंकराचार्य के प्रकट महोत्सव के इस पावन अवसर पर देशभर में भक्ति, आराधना और वैदिक परंपराओं से युक्त विविध धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे। पुरीपीठाधीश्वर जगद्गुरु निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज की कृपा एवं मार्गदर्शन में यह आयोजन संपूर्ण भारत में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सनातन धर्मावलंबियों द्वारा अपने-अपने घरों एवं सम्मेलनों में रुद्राभिषेक, शिव पूजन, सत्संग, संगोष्ठी, भजन-संकीर्तन और प्रार्थना के माध्यम से सर्वजन कल्याण का संकल्प लिया जाएगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश नंदन श्रीवास्तव ने बताया कि भगवान शंकराचार्य का आविर्भाव उस कालखंड में हुआ था, जब भारत की सनातन संस्कृति पर संकट मंडरा रहा था। उन्होंने अपने अल्प आयु में ही दिग्विजय यात्रा प्रारंभ करते हुए व्यासपीठ की पुनर्स्थापना, धार्मिक स्थलों का पुनर्जीवन और वैदिक मूल्यों की पुनरुत्थान का कार्य किया। आज भारत के तीर्थ, धाम, मठ, मंदिर एवं आश्रमों का अस्तित्व उन्हीं की तपस्या एवं प्रयासों का प्रतिफल है।

गोवर्धनमठ, पुरी के 145वें पीठाधीश्वर जगद्गुरु निश्चलानंद सरस्वती जी उसी परंपरा को आज भी जीवंत बनाए हुए हैं और धर्म-संस्कृति के संरक्षण हेतु सतत सक्रिय हैं। पिपरिया में आयोजित इस समारोह में भगवान आद्य शंकराचार्य के जीवन, कृतित्व एवं उनके धर्म सुधार आंदोलन पर प्रकाश डाला जाएगा। यह आयोजन सायं 4:00 बजे प्रारंभ होगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से समय पर पहुँचने की अपील की गई है।

Rishabh Das Mahant

Editor, RD India News

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