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विश्व पर्यावरण दिवस

“विश्व पर्यावरण दिवस”
विधा – कविता
शीर्षक – “एक निवेदन हैं सभी से…
एक निवेदन हैं सभी से,
आज एक पेड़ जरूर लगाओ।
चीख रही हैं आज वसुंधरा,
अंधाधुंध पेड़ों की कटाई से।
रोज होती अपनी अन्यायी से,
हरियाली की होती रोज विदाई से।
एक निवेदन हैं सभी से….
प्रदूषण कि मात्रा बढ़ने से,
आक्सीजन कि स्तर घटने से।
एक निवेदन हैं सभी से….
आज एक पेड़ जरूर लगाओ।
यह निवेदन हैं सभी से…
मानव देखो तेरे ही लालच से,
बंजर भूमि कि मात्रा बढ़ने से।
पर्यावरण खतरे में पड़ गया,
जीना सबका दुशवार हो गया।
एक निवेदन हैं सभी से…
तापमान भी तेजी से बढ़ गया,
भू गर्भ जल का स्तर गिर गया।
बीमारियों का डेरा हमेंशा रह गया,
यही आरजू हैं सभी से….
एक निवेदन हैं सभी से…
एक निवेदन हैं सभी से,
आज एक पेड़ जरूर लगाओ।
पिंकी देवांगन
जांजगीर, छत्तीसगढ़।

